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40
الَّذينَ أُخرِجوا مِن دِيارِهِم بِغَيرِ حَقٍّ إِلّا أَن يَقولوا رَبُّنَا اللَّهُ ۗ وَلَولا دَفعُ اللَّهِ النّاسَ بَعضَهُم بِبَعضٍ لَهُدِّمَت صَوامِعُ وَبِيَعٌ وَصَلَواتٌ وَمَساجِدُ يُذكَرُ فيهَا اسمُ اللَّهِ كَثيرًا ۗ وَلَيَنصُرَنَّ اللَّهُ مَن يَنصُرُهُ ۗ إِنَّ اللَّهَ لَقَوِيٌّ عَزيزٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

ये वे लोग है जो अपने घरों से नाहक़ निकाले गए, केवल इसलिए कि वे कहते है कि "हमारा रब अल्लाह है।" यदि अल्लाह लोगों को एक-दूसरे के द्वारा हटाता न रहता तो मठ और गिरजा और यहूदी प्रार्थना भवन और मस्जिदें, जिनमें अल्लाह का अधिक नाम लिया जाता है, सब ढा दी जातीं। अल्लाह अवश्य उसकी सहायता करेगा, जो उसकी सहायता करेगा - निश्चय ही अल्लाह बड़ा बलवान, प्रभुत्वशाली है