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37
لَن يَنالَ اللَّهَ لُحومُها وَلا دِماؤُها وَلٰكِن يَنالُهُ التَّقوىٰ مِنكُم ۚ كَذٰلِكَ سَخَّرَها لَكُم لِتُكَبِّرُوا اللَّهَ عَلىٰ ما هَداكُم ۗ وَبَشِّرِ المُحسِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

न उनके माँस अल्लाह को पहुँचते है और न उनके रक्त। किन्तु उसे तुम्हारा तक़वा (धर्मपरायणता) पहुँचता है। इस प्रकार उसने उन्हें तुम्हारे लिए वशीभूत किया है, ताकि तुम अल्लाह की बड़ाई बयान करो, इसपर कि उसने तुम्हारा मार्गदर्शन किया और सुकर्मियों को शुभ सूचना दे दो