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25
إِنَّ الَّذينَ كَفَروا وَيَصُدّونَ عَن سَبيلِ اللَّهِ وَالمَسجِدِ الحَرامِ الَّذي جَعَلناهُ لِلنّاسِ سَواءً العاكِفُ فيهِ وَالبادِ ۚ وَمَن يُرِد فيهِ بِإِلحادٍ بِظُلمٍ نُذِقهُ مِن عَذابٍ أَليمٍ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक जो लोग काफिर हो बैठे और खुदा की राह से और मस्जिदें मोहतरम (ख़ानए काबा) से जिसे हमने सब लोगों के लिए (माबद) बनाया है (और) इसमें शहरी और बेरूनी सबका हक़ बराबर है (लोगों को) रोकते हैं (उनको) और जो शख्स इसमें शरारत से गुमराही करे उसको हम दर्दनाक अज़ाब का मज़ा चखा देंगे