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105
وَلَقَد كَتَبنا فِي الزَّبورِ مِن بَعدِ الذِّكرِ أَنَّ الأَرضَ يَرِثُها عِبادِيَ الصّالِحونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

और हमने तो नसीहत (तौरेत) के बाद यक़ीनन जुबूर में लिख ही दिया था कि रूए ज़मीन के वारिस हमारे नेक बन्दे होंगे