81كُلوا مِن طَيِّباتِ ما رَزَقناكُم وَلا تَطغَوا فيهِ فَيَحِلَّ عَلَيكُم غَضَبي ۖ وَمَن يَحلِل عَلَيهِ غَضَبي فَقَد هَوىٰफ़ारूक़ ख़ान & नदवीऔर (फ़रमाया) कि हमने जो पाक व पाक़ीज़ा रोज़ी तुम्हें दे रखी है उसमें से खाओ (पियो) और उसमें (किसी क़िस्म की) शरारत न करो वरना तुम पर मेरा अज़ाब नाज़िल हो जाएगा और (याद रखो कि) जिस पर मेरा ग़ज़ब नाज़िल हुआ तो वह यक़ीनन गुमराह (हलाक) हुआ