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39
أَنِ اقذِفيهِ فِي التّابوتِ فَاقذِفيهِ فِي اليَمِّ فَليُلقِهِ اليَمُّ بِالسّاحِلِ يَأخُذهُ عَدُوٌّ لي وَعَدُوٌّ لَهُ ۚ وَأَلقَيتُ عَلَيكَ مَحَبَّةً مِنّي وَلِتُصنَعَ عَلىٰ عَيني

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

कि तुम इसे (मूसा को) सन्दूक़ में रखकर सन्दूक़ को दरिया में डाल दो फिर दरिया उसे ढकेल कर किनारे डाल देगा कि मूसा को मेरा दुशमन और मूसा का दुशमन (फिरऔन) उठा लेगा और मैंने तुम पर अपनी मोहब्बत को डाल दिया जो देखता (प्यार करता) ताकि तुम मेरी ख़ास निगरानी में पाले पोसे जाओ