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91
وَإِذا قيلَ لَهُم آمِنوا بِما أَنزَلَ اللَّهُ قالوا نُؤمِنُ بِما أُنزِلَ عَلَينا وَيَكفُرونَ بِما وَراءَهُ وَهُوَ الحَقُّ مُصَدِّقًا لِما مَعَهُم ۗ قُل فَلِمَ تَقتُلونَ أَنبِياءَ اللَّهِ مِن قَبلُ إِن كُنتُم مُؤمِنينَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

जब उनसे कहा जाता है, "अल्लाह ने जो कुछ उतारा है उस पर ईमान लाओ", तो कहते है, "हम तो उसपर ईमान रखते है जो हम पर उतरा है," और उसे मानने से इनकार करते हैं जो उसके पीछे है, जबकि वही सत्य है, उसकी पुष्टि करता है जो उसके पास है। कहो, "अच्छा तो इससे पहले अल्लाह के पैग़म्बरों की हत्या क्यों करते रहे हो, यदि तुम ईमानवाले हो?"