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30
وَإِذ قالَ رَبُّكَ لِلمَلائِكَةِ إِنّي جاعِلٌ فِي الأَرضِ خَليفَةً ۖ قالوا أَتَجعَلُ فيها مَن يُفسِدُ فيها وَيَسفِكُ الدِّماءَ وَنَحنُ نُسَبِّحُ بِحَمدِكَ وَنُقَدِّسُ لَكَ ۖ قالَ إِنّي أَعلَمُ ما لا تَعلَمونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और याद करो जब तुम्हारे रब ने फरिश्तों से कहा कि "मैं धरती में (मनुष्य को) खलीफ़ा (सत्ताधारी) बनानेवाला हूँ।" उन्होंने कहा, "क्या उसमें उसको रखेगा, जो उसमें बिगाड़ पैदा करे और रक्तपात करे और हम तेरा गुणगान करते और तुझे पवित्र कहते हैं?" उसने कहा, "मैं जानता हूँ जो तुम नहीं जानते।"