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267
يا أَيُّهَا الَّذينَ آمَنوا أَنفِقوا مِن طَيِّباتِ ما كَسَبتُم وَمِمّا أَخرَجنا لَكُم مِنَ الأَرضِ ۖ وَلا تَيَمَّمُوا الخَبيثَ مِنهُ تُنفِقونَ وَلَستُم بِآخِذيهِ إِلّا أَن تُغمِضوا فيهِ ۚ وَاعلَموا أَنَّ اللَّهَ غَنِيٌّ حَميدٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ऐ ईमान वालों अपनी पाक कमाई और उन चीज़ों में से जो हमने तुम्हारे लिए ज़मीन से पैदा की हैं (ख़ुदा की राह में) ख़र्च करो और बुरे माल को (ख़ुदा की राह में) देने का क़सद भी न करो हालॉकि अगर ऐसा माल कोई तुमको देना चाहे तो तुम अपनी ख़ुशी से उसके लेने वाले नहीं हो मगर ये कि उस (के लेने) में (अमदन) आंख चुराओ और जाने रहो कि ख़ुदा बेशक बेनियाज़ (और) सज़ावारे हम्द है