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174
إِنَّ الَّذينَ يَكتُمونَ ما أَنزَلَ اللَّهُ مِنَ الكِتابِ وَيَشتَرونَ بِهِ ثَمَنًا قَليلًا ۙ أُولٰئِكَ ما يَأكُلونَ في بُطونِهِم إِلَّا النّارَ وَلا يُكَلِّمُهُمُ اللَّهُ يَومَ القِيامَةِ وَلا يُزَكّيهِم وَلَهُم عَذابٌ أَليمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक जो लोग इन बातों को जो ख़ुदा ने किताब में नाज़िल की है छिपाते हैं और उसके बदले थोड़ी सी क़ीमत (दुनयावी नफ़ा) ले लेतें है ये लोग बस अंगारों से अपने पेट भरते हैं और क़यामत के दिन ख़ुदा उन से बात तक तो करेगा नहीं और न उन्हें (गुनाहों से) पाक करेगा और उन्हीं के लिए दर्दनाक अज़ाब है