You are here: Home » Chapter 2 » Verse 173 » Translation
← Sura 2 →
← Aya 173 →
173
إِنَّما حَرَّمَ عَلَيكُمُ المَيتَةَ وَالدَّمَ وَلَحمَ الخِنزيرِ وَما أُهِلَّ بِهِ لِغَيرِ اللَّهِ ۖ فَمَنِ اضطُرَّ غَيرَ باغٍ وَلا عادٍ فَلا إِثمَ عَلَيهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ غَفورٌ رَحيمٌ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

उसने तो तुमपर केवल मुर्दार और ख़ून और सूअर का माँस और जिस पर अल्लाह के अतिरिक्त किसी और का नाम लिया गया हो, हराम ठहराया है। इसपर भी जो बहुत मजबूर और विवश हो जाए, वह अवज्ञा करनेवाला न हो और न सीमा से आगे बढ़नेवाला हो तो उसपर कोई गुनाह नहीं। निस्संदेह अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान है