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159
إِنَّ الَّذينَ يَكتُمونَ ما أَنزَلنا مِنَ البَيِّناتِ وَالهُدىٰ مِن بَعدِ ما بَيَّنّاهُ لِلنّاسِ فِي الكِتابِ ۙ أُولٰئِكَ يَلعَنُهُمُ اللَّهُ وَيَلعَنُهُمُ اللّاعِنونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

बेशक जो लोग हमारी इन रौशन दलीलों और हिदायतों को जिन्हें हमने नाज़िल किया उसके बाद छिपाते हैं जबकि हम किताब तौरैत में लोगों के सामने साफ़ साफ़ बयान कर चुके हैं तो यही लोग हैं जिन पर ख़ुदा भी लानत करता है और लानत करने वाले भी लानत करते हैं