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121
الَّذينَ آتَيناهُمُ الكِتابَ يَتلونَهُ حَقَّ تِلاوَتِهِ أُولٰئِكَ يُؤمِنونَ بِهِ ۗ وَمَن يَكفُر بِهِ فَأُولٰئِكَ هُمُ الخاسِرونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

जिन लोगों को हमने किताब (कुरान) दी है वह लोग उसे इस तरह पढ़ते रहते हैं जो उसके पढ़ने का हक़ है यही लोग उस पर ईमान लाते हैं और जो उससे इनकार करते हैं वही लोग घाटे में हैं