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54
رَبُّكُم أَعلَمُ بِكُم ۖ إِن يَشَأ يَرحَمكُم أَو إِن يَشَأ يُعَذِّبكُم ۚ وَما أَرسَلناكَ عَلَيهِم وَكيلًا

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

तुम्हारा परवरदिगार तुम्हारे हाल से खूब वाक़िफ है अगर चाहेगा तुम पर रहम करेगा और अगर चाहेगा तुम पर अज़ाब करेगा और (ऐ रसूल) हमने तुमको कुछ उन लोगों का ज़िम्मेदार बनाकर नहीं भेजा है