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85
وَما خَلَقنَا السَّماواتِ وَالأَرضَ وَما بَينَهُما إِلّا بِالحَقِّ ۗ وَإِنَّ السّاعَةَ لَآتِيَةٌ ۖ فَاصفَحِ الصَّفحَ الجَميلَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

हमने तो आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके मध्य है, सोद्देश्य पैदा किया है, और वह क़ियामत की घड़ी तो अनिवार्यतः आनेवाली है। अतः तुम भली प्रकार दरगुज़र (क्षमा) से काम लो