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61
فَلَمّا جاءَ آلَ لوطٍ المُرسَلونَ

फ़ारूक़ ख़ान & नदवी

ग़रज़ जब (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्ते) लूत के बाल बच्चों के पास आए तो लूत ने कहा कि तुम तो (कुछ) अजनबी लोग (मालूम होते हो)