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18
وَجاءوا عَلىٰ قَميصِهِ بِدَمٍ كَذِبٍ ۚ قالَ بَل سَوَّلَت لَكُم أَنفُسُكُم أَمرًا ۖ فَصَبرٌ جَميلٌ ۖ وَاللَّهُ المُستَعانُ عَلىٰ ما تَصِفونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

वे उसके कुर्ते पर झूठमूठ का ख़ून लगा लाए थे। उसने कहा, "नहीं, बल्कि तुम्हारे जी ने बहकाकर तुम्हारे लिए एक बात बना दी है। अब धैर्य से काम लेना ही उत्तम है! जो बात तुम बता रहे हो उसमें अल्लाह ही सहायक हो सकता है।"