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28
وَيَومَ نَحشُرُهُم جَميعًا ثُمَّ نَقولُ لِلَّذينَ أَشرَكوا مَكانَكُم أَنتُم وَشُرَكاؤُكُم ۚ فَزَيَّلنا بَينَهُم ۖ وَقالَ شُرَكاؤُهُم ما كُنتُم إِيّانا تَعبُدونَ

फ़ारूक़ ख़ान & अहमद

और जिस दिन हम उन सबको इकट्ठा करेंगे, फिर उन लोगों से, जिन्होंने शिर्क किया होगा, कहेंगे, "अपनी जगह ठहरे रहो तुम भी और तुम्हारे साझीदार भी।" फिर हम उनके बीच अलगाव पैदा कर देंगे, और उनके ठहराए हुए साझीदार कहेंगे, "तुम हमारी तो हमारी बन्दगी नहीं करते थे