19وَما كانَ النّاسُ إِلّا أُمَّةً واحِدَةً فَاختَلَفوا ۚ وَلَولا كَلِمَةٌ سَبَقَت مِن رَبِّكَ لَقُضِيَ بَينَهُم فيما فيهِ يَختَلِفونَफ़ारूक़ ख़ान & अहमदसारे मनुष्य एक ही समुदाय थे। वे तो स्वयं अलग-अलग हो रहे। और यदि तेरे रब की ओर से पहले ही एक बात निश्चित न हो गई होती, तो उनके बीच का फ़ैसला कर दिया जाता जिसमें वे मतभेद कर रहे हैं