109وَاتَّبِع ما يوحىٰ إِلَيكَ وَاصبِر حَتّىٰ يَحكُمَ اللَّهُ ۚ وَهُوَ خَيرُ الحاكِمينَफ़ारूक़ ख़ान & नदवीऔर (ऐ रसूल) तुम्हारे पास जो 'वही' भेजी जाती है तुम बस उसी की पैरवी करो और सब्र करो यहाँ तक कि ख़ुदा तुम्हारे और काफिरों के दरमियान फैसला फरमाए और वह तो तमाम फैसला करने वालों से बेहतर है